सीएम योगी ने कहा, "प्रोजेक्ट लटकाने की प्रवृति स्वीकार नहीं, अधिकारी होंगे जिम्मेदार"
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कहा कि विकास परियोजनाओं को लटकाने की प्रवृत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी.
विकास परियोजनाओं में किसी प्रकार की गड़बड़ी, भ्रष्टाचार और अनावश्यक लेटलतीफी की सूचना मिली तो संबंधित अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव की जिम्मेदारी तय की जाएगी.
विकास परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी को भी बर्दाश्त नहीं किया और जनहित के कार्यों में लापरवाही अक्षम्य होगी.
मुख्यमंत्री ने परियोजनाओं में बजट पुनरीक्षण की प्रवृत्ति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि एक बार काम शुरू होने के बाद बजट (Budget) नहीं बढ़ाया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा (Durga Shankar Mishra) को सभी 18 मंडलों में संचालित महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की समीक्षा कर रिपोर्ट (Report) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए.
उन्होंने वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव को बीते पांच माह में विभागों को जारी परियोजनावार बजट, अब तक हुए व्यय का विवरण और अवशेष राशि के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए.
सीएम ने कहा कि विकास परियोजनाओं में देरी से न केवल जनता के धन का अपव्यय होता है.
बल्कि जनहित भी प्रभावित होता है। परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए। विकास कार्यों के लिए धन का कोई अभाव नहीं है.
यह उचित होगा कि परियोजना की महत्ता के अनुसार केंद्र सरकार की कार्यदायी संस्थाओं को भी अवसर दिया जाए.
विकास परियोजनाओं के लिए डीपीआर (DPR) तैयार करने वाली संस्था परियोजना के निर्माण के लिए होने वाली टेंडर प्रक्रिया में भाग नहीं लें.
मोहोम्मद अनवार खान
Sandhya Halchal News